एक साथ

"क्या तुम मेरे बिना एक कदम भी चल पाओगे ? बड़े आये अकेले सफर तय करने वाले, अकेले रह नहीं सकते और पीछा छुड़ाने की बात करते हो।" अब अपनी…

Continue Reading एक साथ

खंडहर होते घर

आज आपसे बातें करने का मन है आज ना ज्ञान देंगे ना ही कुछ अपना कहेंगे आज सिर्फ आपकी सुनेंगे, कुछ ऐसा ही सोच कर हम निकले थे घर से…

Continue Reading खंडहर होते घर

एक कटु सत्य

वैसे तो हमें तंग गलियों में जाना पसंद नहीं पर जो आज गुजरे दिमाग की उन गलियों से तो बहुत सी खिड़कियों से निहारते कुछ चेहरे नज़र आये, जिनको देख…

Continue Reading एक कटु सत्य