वक़्त की बैंक

निग़ाहों के दरवाजे से घुसे हम, चले थे बैंक लूटने। के ज्यों ही दिल के दरवाजे में दस्तक दिए तो देखा बहुत भीड़ है यहाँ, मसला ये नहीं की भीड़…

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